कानपुर, जुलाई 19 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) का आयोजन किया गया। डॉ. अभिनीत गुप्ता ने कहा कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज मौत का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन आधुनिक तकनीकों और समय पर जांच से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में हृदय रोग अब 30-40 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। एआई, सीसीटीए, आईवीयूएस, ओसीटी, एफएफआर और आईएफआर जैसी तकनीकों से सटीक जांच और जरूरत के अनुसार इलाज संभव हो गया है। अध्यक्ष डॉ. बीएन आचार्य ने नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को हृदय रोग से बचाव का प्रभावी उपाय बताया। यहां डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. बीएन त्रिपाठी, डॉ. एसके निगम, डॉ. आलोक राठौर, डॉ. खुशबू, डॉ. हरीश दीक्षित, डॉ. डीके यादव, डॉ. ओपी श्रीवास्तव मौजूद रह...