पीलीभीत, जनवरी 25 -- स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध अस्पताल में समय रहते मिले उपचार से कोबरा सर्पदंश से पीड़ित 65 वर्षीय व्यक्ति की जान बच गई। मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल के आपातकालीन विभाग लाया गया था। जांच में उसमें न्यूरोटॉक्सिक विषाक्तता के लक्षण पाए गए, जिनमें बोलने में दिक्कत, सांस लेने में परेशानी और हाथ-पैरों में कमजोरी शामिल थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल इंट्यूबेशन कर श्वास नली सुरक्षित की और 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम के साथ नियोस्टिग्मीन व एट्रोपीन दिया। इसके बाद मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया।आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने बताया कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातस्थिति है, लेकिन यदि मरीज गोल्डन ऑवर में एएसवी और आईसीयू सुविधा वाले अस्पताल पहुंच जाए तो अधिकांश मामलों में जान बचाई जा ...
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