अररिया, जनवरी 3 -- रानीगंज, एक संवाददाता पौष पूर्णिमा के मौके पर रानीगंज के फ़रियानी नदी किनारे जामुन घाट के पर लगने वाला सदियों पुरानी दोस्ती मेला का स्वरूप घट रहा है। कुछ साल पहले जहां इस पौष पूर्णिमा मेले को लेकर महीनों पहले दुकानें सज जाती थी। लोग महीनो तक लकड़ी की खरीदारी करते थे। लेकिन अब बीतते समय के साथ सदियों पुरानी दोस्ती मेला बीतते समय के साथ धीरे धीरे खत्म होने लगी है। कुछ साल पहले तक जिस खाली जमीन पर मेला लगता था अब धीरे धीरे उस जमीन पर घर व दुकानें बनने लगी है। यहाँ पर कई जगहों पर स्थायी लकड़ी की दुकानें भी खुल गयी है। जमीन कम होने के काऱण मेले की पुरानी रौनकता धीरे धीरे गायब होने लगी है। हालांकि वर्तमान समय में भी हर साल पोष पूर्णिमा के मौके पर मेला लगता है। लेकिन अब यह मेला दोस्ती मेले की जगह लकड़ी के सामानों का मेला लगने लगा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.