नई दिल्ली, मार्च 11 -- संसद में जरूरत के हिसाब से बहस जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है आम सहमति बनाते हुए चलने की कोशिश। विपक्ष की शिकायत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर जो चर्चा हुई, उस पर तमाम राजनीतिक दलों को ईमानदारी से विचार करना चाहिए। बेशक, संख्या बल सरकार के पास है, पर यह उम्मीद की जाती है कि विपक्ष को शिकायत का मौका कम से कम दिया जाएगा। भारत में विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का अवसर और समय देने का समृद्ध इतिहास रहा है। इस मामले में भारतीय संसद को दुनिया में आदर्श माना जाता है। जिन लोगों को भारतीय लोकतंत्र से बहुत शिकायत है, उन्हें अगल-बगल के देशों में झांककर देखना चाहिए कि वहां के प्रमुख विपक्षी नेता आज किस हाल में हैं? आश्चर्य नहीं, हमारी संसद की कार्यवाही देखने के लिए दुनिया भर से नेता और जन-प्रतिनिधि आ...