चाईबासा, जुलाई 30 -- गुवा। सारंडा के रांजाबुरु लौह अयस्क क्षेत्र में स्थानीय रोजगार को लेकर एक बार फिर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। खदान प्रभावित गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीणों और सारंडा विकास समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 9 अगस्त तक पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू नहीं किया गया तो 10 अगस्त से रांजाबुरु खदान का उत्पादन, लौह अयस्क डिस्पैच और ट्रांसपोर्टिंग अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। गंगदा पंचायत के मुखिया राजू शांडिल ने आरोप लगाया कि मंत्री, जिला प्रशासन, सेल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में 18 प्रभावित गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण, जल छिड़काव और ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय भागीदारी पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं हुआ। ग्रामीणों ने ठे...