समझौता तोड़ना जमानत रद्द करने का आधार नहीं : कोर्ट
रांची, अगस्त 1 -- रांची, संवाददाता। अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने विकास कुमार द्वारा दाखिल जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने विपक्षी राजीव रंजन की अग्रिम जमानत यह कहते हुए रद्द करने की मांग की थी कि उसने मध्यस्थता के दौरान हुए समझौते के तहत प्रति माह एक लाख देने की शर्त का पालन नहीं किया। इसी आधार पर 28 जनवरी 2026 को उसे अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन एक-दो किस्त देने के बाद उसने भुगतान बंद कर दिया। मामला सदर थाना कांड संख्या 394/2025 से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि केवल मध्यस्थता या समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने के आधार पर जमानत रद्द नहीं की जा सकती। जमानत तभी रद्द की जा सकती है, जब आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ करे, गवाहों को प्रभावित करे, फरार होने का प्रयास करे या नया अपराध करे। अदालत ने उच्चतम न्या...
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