नई दिल्ली, जनवरी 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने आज (सोमवार,19 जनवरी को) भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को साफ निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन करीब 1.25 करोड़ लोगों के खिलाफ "तार्किक विसंगतियों" (logical discrepancy) की आपत्ति उठाई गई है, उन सभी के नाम पब्लिश किए जाएं। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश दिया है। पीठ में CJI के अलावा, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए करीब दो करोड़ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को यह समझना चाहिए कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की वजह से लोग कितने "तनाव" में हैं। बार एंड...