लखनऊ, मार्च 19 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग में तैनात आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी को रिश्वत मांगने के आरोप के मामले में जमानत देने से इंकार कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि व्हाट्सएप काल की रिकार्डिंग से साफ है कि डिप्टी कमिश्नर ने रुपये को सोने में बदलने का अपने अधीनस्थ अधीक्षका को निर्देश दिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने प्रभा भंडारी की जमानत अर्जी पर पारित किया है। न्यायालय ने कहा कि अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता है। न्यायालय ने विशेष रूप से उस रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया, जो कथित रूप से अधिकारी को रिश्वत के लेनदेन से जोड़ती है।अभियोजन के अनुसार, प्रभा भंडारी झांसी में बतौर डिप्टी कमिश्नर सीजीएसटी तैनात थीं। उस दौरान अन्य अधिकारि...
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