मुजफ्फरपुर, जून 4 -- सकरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। फिरोजपुर सकरा में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को हरिहर क्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरुरामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने श्री गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई। कहा कि सभी कल्पों में गजेंद्र मोक्ष का अवतार हुआ है। गजेंद्र पहले पाण्यदेश के राजा थे, जो गुरु के श्राप से वह हाथी बना। राजा दैनिक पूजा कर रहे थे, उसी समय गुरु जी पहुंच गये, उसने मन मे विचार किया कि पूजा के बाद गुरु जी को नमन करूंगा, तबतक गुरु जी क्रोध में आकर शिष्य को श्राप दे दिए। मानव जीवन में गुरु अवश्य बनाना चाहिए, बिना गुरु के भवसागर पार होना कठिन है। यह भी पढ़ें- भागवत ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला : लक्ष्मणाचार्य संसार के जितने प्राणी है या वो स्थावर जंगम कीट पतंग ही क्यों न हो सबके गुरु है। पानी पीए छानकर, गुर...