नई दिल्ली, जून 14 -- नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता यमुना में प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। बेहतर परिणाम के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने आईआईटी दिल्ली को सभी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का प्रत्येक छह माह में ऑडिट करने के लिए कहा है। इससे यह पता चल सकेगा कि यमुना में गिरने वाला पानी कितना साफ हो पा रहा है। इसके साथ ही यमुना में गिरने वाले 22 नालों में से 10 को दिल्ली सरकार टैप करने में कामयाब रही है जबकि तीन को टैप करने की प्रक्रिया चल रही है। जल बोर्ड सूत्रों ने बताया कि यमुना में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कुल 22 जगहों पर निगरानी की जा रही है जिनमें से 7 जगह दिल्ली में है। यह भी पढ़ें- यमुना के 28 तटों पर एक साथ चला स्वच्छता अभियान इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और यूपी में भी...