पूर्णिया, मार्च 22 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। प्रजापिता ब्राह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय पूर्णिया शाखा के द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला का सातवाँ दिवस पर बीके मुकुटमणि ने सृष्टि चक्र का रचयिता विषय पर बताया कि यह मनुष्य- सृष्टि- प्रकृति- पुरस्कार एक अनादि खेल है l सृष्टि चक्र को चार बराबर भागों में बांटता है सतयुग, त्रेता ,द्वापर और कलियुग l इस अवसर पर एक लघु नाटक प्रस्तुति की गई सर्व आत्माओं का पिता कौन है? इस नाटक में दिखाया गया की एक साधारण मानव जब दुख की समस्या एवं विपत्ति आती है तो वह मंदिर में जाकर पूजा करते हैं और मांगते हैं lअपने समस्याओं को निपटारा करने के लिए राजा के पास जाते हैं l राजा उनकी धन की समस्याओं को दूर करने के लिए धन दे देते हैं , लेकिन वह राजा भी मंदिर में जाकर अपने राज्य के लिए धन मांगते हैं l ...