गिरडीह, जुलाई 1 -- ब्ब् लोग शोक में डूब गये। सब-रजिस्ट्रार को जानने वाले लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि सब-रजिस्ट्रार के साथ इस तरह की कोई वारदात हो गयी है। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में भी शोक की लहर है। एक राजपत्रित अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या ने कानून-व्यवस्था और भूमि विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर लगभग डेढ़ साल से गिरिडीह में पदस्थापित थे। वे गिरिडीह निबंधन कार्यालय के अलावा डुमरी निबंधन कार्यालय के भी अतिरक्त प्रभार में थे। वे नम्र स्वभाव के थे। सरकारी छुट्टी पर पैतृक गांव गए थे सब-रजिस्ट्रारबताया जाता है कि बालेश्वर पटेल हूल दिवस के अवकाश पर अपने पैतृक गांव बालसगरा गए हुए थे। यह भी पढ़ें- देवघर में मां-बेटे को कुल्हाड़ी से काट डाला, रामगढ़ में रजिस्ट्रार की पीट-पीटकर हत्या बालेश्वर ने कुछ मही...