बगहा, नवम्बर 20 -- पश्चिम चंपारण जिले की 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। यहां सूबे की 70 फीसदी गन्ने की खेती पश्चिम चंपारण जिले में होती है। धान गेहूं के साथ-साथ दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती होती है। इससे हटकर कुछ खास इलाकों में सब्जी की व्यापक पैमाने पर खेती होती है। इसमें नौतन, बैरिया, मझौलिया, योगापट्टी, मैनाटाड, गंडक नदी के उस पार के मधुबनी और पिपरासी, बगहा के प्रखंडों के एक तिहाई पंचायतों में सब्जी की खेती से किसानों की अच्छी आय होती है। किसान विनय तिवारी, जोखू प्रसाद, अवधेश प्रसाद ने बताया कि अच्छे क्वालिटी के बीज, उच्च क्वालिटी के पेप्टिसाइड, जैव उर्वरक किसानों को मिले, तो लागत कम होगी। लागत कम होने से किसानों को अधिक फायदा होगा। क्योंकि जलवायु परिवर्तन होने से बे मौसम बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी उत्पादक किसानों को...
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