नई दिल्ली, मई 11 -- लगता है, कांग्रेस के जीने का तरीका यही हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उचित ही कहा है कि कांग्रेस जिस पार्टी (द्रमुक) के समर्थन से केंद्र की सत्ता में 10 साल तक टिकी रही, मौका देखते ही उसी की पीठ में छुरा भोंक दिया। वह अब सत्ता के लोभ में तमिलनाडु में टीवीके के साथ खड़ी हो गई है। यह घटनाक्रम बताता है कि कांग्रेस कितनी बदहवास हो गई है। इसकी वजह यही है कि वह साल-दर-साल कमजोर होती जा रही है और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई हारती जा रही है। महाराष्ट्र में भी उसने सत्ता में बने रहने के लिए शिव सेना (उद्धव) को अपना समर्थन दे दिया था। खत्म होते वर्चस्व को बचाने के लिए उसे किसी क्षेत्रीय पार्टी के पीछे चलने से बचना चाहिए। इससे अच्छा तो यही होगा कि वह जनता के कामों से जुड़े। इससे वह सत्ता पाने में कामयाब हो सकती है, क्य...