रांची, अक्टूबर 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका के बंदोबस्त कार्यालय में लंबे समय से कार्यरत आठ सफाई मोहर्रिरों के नियमितीकरण के मामले में राज्य सरकार को उनके काम की निरंतरता और आवश्यकता का आकलन कर पद सृजित करने और उसके बाद नियमितीकरण के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर कि कर्मचारी वर्ष 2015 की नियमितीकरण नियमावली और उसके 2019 के संशोधन के दायरे में नहीं आते, उनके नियमितीकरण के दावे को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति विज्ञापन और चयन प्रक्रिया के बाद हुई थी और वे दो दशक से अधिक समय से भूमि अभिलेख तैयार करने एवं उनके रखरखाव से संबंधित कार्य कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- रजिस्ट्रार पद पर प्रशांत को बने रहने का अधिकार नहीं कुछ याचिकाकर्ताओं की न...