मेरठ, अप्रैल 16 -- सफलता कभी भी स्थायी नहीं है, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। जीवन मे धैर्य का पालन जरुर करें। आज विधि छात्रों की पहली पसन्द है। इसके लिए परिश्रम करें। छात्र एक लक्ष्य के साथ काम करेंगे तो विकल्प खुलते जाएंगे। सीसीएसयू कैंपस के विधि विभाग में प्री-पीएचडी कोर्सवर्क में नव प्रवेशित शोधार्थियों के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में यह बात महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विवि के पूर्व कुलपति प्रो.एनसी गौतम ने कही। प्रो.आईएम खान ने कहा कि कोर्सवर्क शोध की नीव है। शोध में निरन्तरता, मौलिकता अनिवार्य है। डॉ.विवेक कुमार ने कहा कि विधि क्षेत्र में शोध का महत्व है। महर्षि गौतम ने 16 पदार्थ के आधार पर विधिशास्त्र का उल्लेख किया है। इसमें प्रमाण, प्रमेय, तर्क, निर्णय, छल, जाति एवं निग्रह को विधि का आधा...