बांदा, जून 14 -- बांदा, संवाददाता। मंडल कारागार में हालत बिगड़ने के बाद लखनऊ में एक जून को पाक्सो एक्ट के मामले में निरुद्ध बंदी की मौत हो गई थी। पहले केजीएमयू लखनऊ में चार दिन पीएम नहीं हो पाया। पीएम हो गया तो अब सप्ताह भर से परिजनों को रिपोर्ट का इंतजार है। मृतक पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि किशोर न्याय बोर्ड से मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। सुनवाई न हुई तो हाईकोर्ट में गुहार लगाई जाएगी। मृतक के परिजनों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। बबेरू के मुरवल गांव निवासी 24 वर्षीय नीतीश पर नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। यह भी पढ़ें- डीआईजी जेल ने तीन घंटे तक खंगाले सीसीटीवी व दर्ज कराए बंदी व डिप्टी जेलर के बयान मामले में पाक्सो की विशेष अदालत में 2023 से मुकदमा विचाराधीन था। न्यायालय के आदेश पर नौ माह पहले नितीश ...