प्रयागराज, जून 6 -- प्रयागराज। प्रधानों को प्रशासक बने अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ और 119 प्रशासक विवादों में घिर गए। अब इनके प्रतिस्पर्धियों ने शिकायत दर्ज कराई तो विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। दोष यही है कि प्रशासक बनने के बाद भी प्रधान की तरह काम कर रहे हैं। पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हुआ तो 27 मई से प्रधानों को प्रशासक बना दिया गया। इस दौरान प्रधानों के वित्तीय अधिकारी छीन लिए गए और सभी को निर्देशित किया गया कि वो बतौर प्रशासक काम करते रहेंगे। यानी विकास योजनाओं पर अपने विचार वो डीपीआरओ को देंगे और डीपीआरओ उनके विचारों पर डीएम से अनुमति लेंगे। डीएम की अनुमति के बाद ही काम शुरू होगा। शिकायत आई है कि 119 प्रधान ठेकेदारों पर विकास कार्यों को करने का दबाव बना रहे हैं। जिससे उनका नाम क्षेत्र की जनता में रहे। इसी बात को लेकर शिकाय...