सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ: इन 7 श्लोकों में है दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण सार, जानें इनका हिंदी अर्थ
नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना गया है। इसमें मां भगवती की महिमा बताने वाले सात श्लोक हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ इसका पाठ करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद से प्रकट सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र जीवन के सभी कष्टों, दुखों और भयों को नष्ट करके सुख-समृद्धि प्रदान करता है। सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र एक संक्षिप्त संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण 700 श्लोकों का सार है। आइए जानते हैं सप्तश्लोकी दुर्गा के सभी सात श्लोक और उनका हिंदी अर्थ।पहला श्लोक: महामाया की महिमा ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा। बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्...
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