पूर्णिया, जून 3 -- अमौर, एक संवाददाता। पूर्णिया जिले के सुदूर अमौर थाना की स्थापना ब्रिटिश काल में साल 1870 में हुई थी। यह थाना इससे पूर्व कई वर्षों तक कैम्प के रूप में चल रहा था। अमौर थाना आज भी ब्रिटिश कालीन भवन में ही कार्यरत है। थाना भवन की हालत जर्जर है। अमौर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने व जान जोखिम में डाल कर दूसरों को सुरक्षा देने वाले दर्जनों की संख्या मे कार्यरत पुलिसकर्मियों की जान जर्जर आवास के बीच असुरक्षित हैं। अमौर थाना परिसर में वर्तमान समय मे जितने भी आवासीय भवन हैं, उनमें कुछ को छोड़ दिया जाय तो सभी भवन वर्षों पुराने हैं। यह भी पढ़ें- सन 1870 का अमौर थाना : संसाधनों की कमी के बावजूद सेवा देने में बेहतर इन जर्जर आवासीय भवनों के अधिकांश कमरों के छतों व दीवारों के प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं, तो कहीं बारिश होते ही...