अंबेडकर नगर, मार्च 30 -- दुलहूपुर, संवाददाता। कांची मठ बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को जलालपुर तहसील क्षेत्र के सुरहुरपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अपने आराध्य एवं पूज्य पाद ब्रह्मलीन गुरु स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की जन्मस्थली पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान वह करीब एक घंटे तक वहां रहे और पूरे वातावरण में आध्यात्मिक भावनाओं का संचार होता रहा। शंकराचार्य ने गुरु से जुड़ी स्मृतियों को आत्मीयता से सुना और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी सनातन धर्म का परचम लहराया। देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण कर उन्होंने सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया और समाज को जागरूक करने का सतत...