प्रयागराज, जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में बुधवार को 'भारतीय संस्कृति में सनातन की अवधारणा' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के पूर्व आचार्य प्रो. हरि नारायण दुबे ने कहा कि सनातन केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि मानवता, समरसता एवं शाश्वत जीवन-दृष्टि का प्रतीक है। कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में मोबाइल, टेलीविजन तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है, अन्यथा वे हमारी सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित कर सकते हैं। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि सनातन का वास्तविक स्वरूप समावेश, संवाद, सहअस्तित्व और मानव कल्याण में निहित है। अतिथियों का स्वागत समाज विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. एस. कुमार ने किया। आयो...