रिषिकेष, अप्रैल 12 -- परमार्थ निकेतन में रविवार को आठ दिवसीय अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ शुरू हुआ, जिसमें 15,000 से अधिक रुद्रम मंत्रों का उच्चारण, 1500 से अधिक रुद्र होम के साथ ही 300 से अधिक दुर्गा सप्तशती पाठ एवं 300 से अधिक शतचंडी महायज्ञ किया जा रहा है। महायज्ञ का शुभारंभ परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। उन्होंने कहा कि महायज्ञ के जरिए सनातन मूल्यों, वैदिक परंपराओं तथा नारी शक्ति के जागरण का सशक्त एवं वैश्विक संदेश प्रदान किया। इसका मूल उद्देश्य नारी शक्ति को वेदाध्ययन, यज्ञ-हवन एवं आध्यात्मिक साधना में सशक्त बनाना है। सनातन धर्म में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के रूप में पूजित यह शक्ति ही सृष्टि के संतुलन का आधार है। इसी भाव को साकार करते हुए अति रुद्रम एवं श...