लातेहार, फरवरी 26 -- बेतला प्रतिनिधि । हर वर्ष फाल्गुन शुक्ल 11 वीं तिथि को मनाई जाने वाली सनातनियों का आमलकी एकादशी व्रत आज है। मालूम हो कि सनातनी परंपरा में फाल्गुन शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के साथ ही आंवले के वृक्ष की पूजा का विधान है। चूंकि आंवले का एक दूसरा नाम आमलकी भी है,इसलिए यह एकादशी,आमलकी एकादशी के नाम से विख्यात है। हिन्दु मान्यता के मुताबिक आंवला वृक्ष के हर हिस्से में भगवान त्रिदेव का वास होता है।जिसके अनुसार आंवला वृक्ष के मूल यानि जड़ में श्रीविष्णु,तने में शिव और ऊपरी हिस्से में ब्रह्माजी निवास करते हैं ।वहीं इसकी टहनियों में मुनि,देवता,पत्तों में वसु,फूलों में मरुद्गन और फलों में सभी प्रजापति विराजते हैं। इसबारे में रामभक्त हनुमान मंदिर पोखरीकला के पुजारी यशवंत पाठक ने हिन्दू पंचांग के हवाले से कहा कि इसवर्ष एकादशी ति...