बाराबंकी, मार्च 10 -- हैदरगढ़। साक्षात धर्म हैं श्रीराम। उन्होंने मानव रूप में प्रकट होकर धर्म की रक्षा एवं शिक्षा दी है। शास्त्रों, पुराणों में बताये गए धर्म व भक्ति के सभी लक्षण मनुष्य रूप में अवतरित श्रीराम में प्रत्यक्ष घटित होते हैं। ये विचार मानस विद्वान राम किंकर मिश्र ने बहुता धाम में आयोजित राम चरित मानस सम्मेलन के आठवें दिन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सदैव विचार पूर्वक धर्मानुकूल आचरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम में सत्य, दया, परोपकार, मातृ-पितृ एवं गुरुभक्ति आदि का कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सहज रूप से परिपालन दिखायी देता है। यही कारण है कि संत एवं शास्त्र रामवत आचरण करने की शिक्षा देते हैं। कहा कि वास्तव में धर्म से सुख व अधर्म से दु:ख मिलता है। संसार में मनुष्य ही नहीं अपितु सभी जीव सुख ही चाहते हैं। धर्म...