मोतिहारी, जनवरी 3 -- मोतिहारी, नगर संवाददाता। अभी करीब एक महीना से मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए गांव से लेकर शहर के मोतियाबिंद से ग्रस्त रोगी ऑपरेशन कराने के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं। जिला के निजी नेत्र क्लीनिक में मरीज से हाउस फुल चल रहा है तो सदर अस्पताल के नेत्र विभाग में सन्नाटा है। यहां वर्षों से मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं होता है।नतीजतन जिला के मोतियाबिंद के रोगी को जिला के नेत्र हॉस्पिटल में भर्ती होकर ऑपरेशन कराना पड़ रहा है। 13 लाख की लागत से बना था आई हॉस्पिटल: सदर हॉस्पिटल में 16 वर्ष पहले करीब 13 लाख की लागत से आई हॉस्पिटल बना। मगर विडंबना यह रहा कि आज तक इस हॉस्पिटल में एक भी मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो सका। स्थिति यह है कि आई हॉस्पिटल की हालत खास्ता है। तो कुछ रुम को दवा रखने के लिए गोदाम बना दिया गया है। आई हॉस्पिटल को चालू ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.