सराईकेला, अप्रैल 3 -- सरायकेला, संवाददाता। सरायकेला सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आयी है। लगभग 38 लाख की लागत से बनी हाई-टेक आईसीयू पिछले 2 वर्षों से सिर्फ शो पीस बनकर रह गयी है। विशेषज्ञ डॉक्टरों और टेक्नीशियनों की कमी के कारण लाखों की मशीनें बंद कमरे में धूल फांक रही हैं। वहीं, मरीजों को इलाज के लिए जमशेदपुर या निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बीच हकीकत : हाल में झारखंड सरकार के बजट में सरायकेला सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की गयी है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा आईसीयू को चलाने के लिए डॉक्टर और टेक्नीशियन नहीं हैं, तो मेडिकल कॉलेज का संचालन कैसे होगा? बुनियादी ढांचे के नाम पर पैसे तो खर्च हो गये, लेकिन मरीजों को इसका कोई लाभ न...