सहरसा, अप्रैल 13 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। एक ओर जहां सदर मॉडल हॉस्पीटल ने कायाकल्प मूल्यांकन में पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। वही अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें अत्याधुनिक आईसीयू, एचडीयू, ट्रॉमा सेंटर और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके बावजूद अस्पताल की मूलभूत व्यवस्था और पहुंच मार्ग की समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को लेकर है, जो उद्घाटन के चार साल बाद भी आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। यह स्थिति मरीजों और उनके परिजनों के लिए भारी परेशानी का कारण बनी हुई है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को एंबुलेंस के साथ अस्पताल तक पहुंचने के लि...