लखनऊ, फरवरी 5 -- नगर निगम सदन की बैठक में सीवर और जलभराव को लेकर हुए तीखे हमलों और विरोध के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। सदन के भीतर सवालों की बौछार हुई, महापौर के सामने पार्षदों ने एक स्वर में समस्या उठाई, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि जलकल ने अब भी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। नतीजा यह है कि शहर के कई इलाकों में सीवर की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है और उसका कोई ठोस निदान नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को पुराने लखनऊ के गढ़ी पीर खां मोहल्ले में हालात और भी भयावह हो गए। कई दिनों से सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। गंदा, बदबूदार पानी गलियों और मुख्य रास्तों पर फैल चुका है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन देखने-सुनने कोई नहीं पहुंचा। बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाएं मजबूरी में सीवर के पानी से होकर गुजर रहे हैं, जिससे बीमारिय...