बदायूं, अगस्त 30 -- बिल्सी। क्षेत्र के गांव गुधनी के प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में चल रही वेद कथा के तीसरे दिन आचार्य संजीव रूप ने सत्संग का वास्तविक अर्थ लोगों को समझाया। उन्होंने कहा सत्य का संग सत्संग है। सद्गुणों का संग ही सत्संग है। जिन गुणों व सद्गुणों को धारण करके व्यक्ति महान बनता है वही गुण मनुष्य को प्रयत्न करके धारण करना चाहिए ,यही सत्संग है। इस मौके पर किशन पाल आर्य, बद्री प्रसाद आर्य, राकेश आर्य, अवनीश पाल, राजू पाल, विश्वजीत पाल, सुराजवती देवी, संतोष कुमारी, स्वाति रानी, नेम पाल आर्य आदि मौजूद रहे।
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