चंदौली, अप्रैल 25 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। विकास खंड के मसोई गांव में नौ दिवसीय रामकथा के प्रथम दिवस पर कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि मनुष्य जब दुराचार, पापाचार, व्यभिचार और भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाता है, तब उसका जीवन नारकीय हो जाता है और वह बार-बार दुखों से घिरा रहता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत, श्रीरामचरितमानस, राम-नाम और सत्संग ही जीवन को परमात्मा से जोड़ने का सबसे सरल मार्ग है।उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन कैसा होना चाहिए, यह भगवान शिव से सीखना चाहिए। उन्होंने पति-पत्नी के मधुर संबंध, आपसी संवाद, संयम और सम्मान को परिवार की नींव बताया। साथ ही कहा कि परिवार में माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री और भाई-बहन यदि एक-दूसरे की बात समझें, तो समाज में भी सौहार्द बना रहता है। उन्होंने तनाव बढ़ाने के बजाय समस्याओं ...