मेरठ, अप्रैल 1 -- शास्त्री नगर स्थित राजवंश भवन में बुधवार को दिव्य मानस प्रवचन के तृतीय दिवस पर सत्संग और सजगता का संदेश दिया। ज्योर्तिमठ अवांतरभानपुरा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद द्वारा श्रद्धालुओं को प्रवचन दिए। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि प्रत्येक कार्यक्षेत्र में अनेक प्रकार की बाधाएं और चुनौतियां आती हैं। जिनसे सजग रहकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। देवर्षि नारद की तपस्या का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे इंद्र ने उनकी तपस्या भंग करने के लिए कामदेव, मेनका और ऋतु बसंत को भेजा, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद सच्ची साधना अडिग रहती है। सत्संग की महत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि संसार में जो भी बुद्धि, कीर्ति, सद्गति और कल्याण प्राप्त होता है, वह सत्संग का ही प्रभाव है। बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और भगवान की...