पीलीभीत, मार्च 24 -- पूरनपुर, संवाददाता। आश्रम में बाबा जय गुरुदेव के अनुयायियों ने मुक्ति दिवस मनाया। इस दौरान साधना का महत्व बताया गया। कहा गया कि साधना से लौकिक और परलौकिक लाभ मिलते हैं। भंडारे के साथ सत्संग का समापन किया गया। खुटार हाइवे पर स्थित संत बाबा उमाकांत महाराज के आश्रम पर हुए सत्संग में वक्ता सुंदर लाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान बाबा जयगुरुदेव ने कई कानूनों का विरोध किया था। 29 जून 1975 को उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में बद कर दिया गया था। सत्संगियों के जेल भरो आंदोलन के बाद बाबा जयगुरुदेव को 23 मार्च 1977 को जेल से रिहा किया गया। अनुयायी तब से इस दिन मुक्ति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाते हैं। मंगली प्रसाद मौर्य ने कहा कि साधना से तात्पर्य हर प्रकार से अपने आपको साधना है। आचार विचार, आहार और व्यवहार सभी सधा हुआ जाए। साधना ...