नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षित इमारतों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिस्मिक जोन 4 में होने के कारण दिल्ली भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यदि बड़ा भूकंप आया तो दिल्ली की इमारतें कितनी सुरक्षित रहेंगी? एक अध्ययन के अनुसार, यदि बड़ा भूकंप आता है तो दिल्ली-एनसीआर की लगभग 38 फीसदी इमारतों को खतरा हो सकता है।बड़े पैमाने पर मच सकती है तबाही इसका मतलब यह कि दिल्ली-NCR की लगभग 89 लाख इमारतों में से करीब 33 लाख से अधिक खतरे की जद में हो सकती हैं। बता दें कि दिल्ली सिस्मिक जोन-4 में आती है। यह भारत में भूकंप के खतरे के हिसाब से दूसरी सबसे अधिक जोखिम वाली श्रेणी है। सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे ने उन तमाम खामियों की ओर इशा...