नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने की घटना को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका डाली गई है। हाई कोर्ट में डाली गई पीआईएल में याचिकाकर्ता ने पीड़ितों के परिजनों के लिए 1-1 करोड़ मुआवजा के साथ सभी पीजी हॉस्टलों की बिल्डिंग के ऑडिट की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ मामले की सुनवाई करेगी। जनहित याचिका अनिकेत कुमार गुप्ता द्वारा दायर की गई है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास इमारत गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। पीजी आवास चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गुप्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि इमारत के ढहने से ठीक पहले उसमें कथित तौर पर मरम्मत या निर्माण संबंधी कार्य चल र...