इटावा औरैया, मार्च 21 -- गांव जगमोहनपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक रविता शास्त्री ने सत्य और धर्म के प्रतीक माने जाने वाले राजा हरिश्चंद्र की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान रविता शास्त्री ने बताया कि राजा हरिश्चंद्र ने सत्य के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन में अनेकों कष्ट सहे लेकिन कभी भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने राज्य, परिवार और सुख सुविधाओं का त्याग कर दिया फिर भी धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अडिग रहे। इस मौके पर परीक्षित सुषमा देवी, शांती देवी, प्रदीप कुमार, विजय सिंह, सौदान सिंह, मोहर सिंह, यदुवीर सिंह, सुरजीत सिंह, राहुल, जितेंद्र मौजूद रहे।

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