शामली, फरवरी 10 -- शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 106 निजी स्कूलों में बच्चों के सत्यापन के लिए 41 अधिकारियों की टीम गठित की गयी। 26 जनवरी तक स्कूलों का सत्यापन होना था। सत्यापन न होने से 6943 बच्चों को मिलने वाली 3 करोड़ 47 लाख 15 हजार की वित्तीय सहायता लटक गयी। इस कारण प्रति छात्र मिलने वाली पांच हजार की वित्तीय सहायता नहीं मिली। यह पैसा बच्चों को बैग, जूता मौजा, ड्रेस, किताब आदि खरीदने के लिए मंगायी जाती है। शासन की ओर से 26 जनवरी तक जिले के 41 अधिकारियों को सत्यापन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय सीमा तक लापरवाही के चलते यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। जिले में आरटीई के माध्यम से निजी स्कूलों में कुल 6943 बच्चे पढ़ रहे हैं। शाासन के निर्देश पर इन बच्चों के सत्यापन के लिए 41 अधिकारियों की टीम गठित की गयी थी। इस सत...
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