गोरखपुर, दिसम्बर 15 -- गोरखपुर, निज संवाददाता स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन एसएलडब्ल्यूएमसे जुड़ी परिसम्पत्तियों, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों तथा गोबरधन बायोगैस प्लांट की भौतिक व वित्तीय प्रगति का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा। उपनिदेशक (पंचायत) गोरखपुर मंडल ने समस्त जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। सत्यापन कार्य वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। प्रत्येक माह मंडल की एक प्रतिशत ग्राम पंचायतों का सत्यापन उपनिदेशक स्तर से तथा तीन प्रतिशत का सत्यापन मंडलीय कंसल्टेंट द्वारा रैंडम आधार पर होगा। यह प्रक्रिया पीएमएस ऐप के माध्यम से की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण कर रिपोर्ट मिशन कार्यालय...