नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में उस धारणा को पलट दिया है, जिसमें माना जाता है कि आरोपी के बरी होने पर आरोपी पक्ष की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा, सड़क दुर्घटना में जख्मी होना व जान गंवाना एक स्पष्ट घटित घटना है। चालक की लापरवाही साबित होना या ना होना गवाहों पर आधारित होता है। आरोपी को संदेह का लाभ मिल सकता है, लेकिन दुर्घटना के शिकार को पहले की जिंदगी नहीं मिल सकती। इसलिए सड़क दुर्घटना में मिले मुआवजे को रद्द नहीं किया जा सकता। यह भी पढ़ें- 'ससुराल में हर असंवेदनशील हरकत क्रूरता नहीं'; दहेज वाले केस में बोला हाईकोर्ट जस्टिस अनीश दयाल की बेंच ने सड़क दुर्घटना के मामलों का विस्तृत व्याख्यान करते हुए कहा कि यहां सिर्फ यह देखने की जरूरत है कि दुर्घटना में ...