पूर्णिया, जनवरी 13 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले भर की सड़कें हादसे का गवाह बन रही हैं। हादसों से न तो वाहन चालक सबक ले रहे हैं। न ही इस दिशा में प्रशासन कुछ ठोस पहल कर रही है। कई रोड पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के बावजूद सुरक्षा को लेकर उपाय सीमित हैं। सड़क सुरक्षा तो मनाया जाता है मगर इसके नाम पर ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। नहीं तो इसी तरह सड़कों पर जान जाती रहेगी। पिछले साल के आंकड़ों पर ही गौर करें तो 250 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई। इसके पीछे लोगों में जागरूकता की कमी है। अभी भी सड़कों पर वाहन चलाने के लिए निर्धारित ट्रैफिक नियम का अनुपालन किए बिना चालक वाहनों का परिचालन कर रहे हैं। दुखद पहलु यह है कि यातायात नियमों का अनुपालन करवाने में लगी प्रवर्तन एजेंसियों की ड्यूटी चालान काटने तक ही सीमित रह गई है। वह भी केवल शह...