नई दिल्ली, जुलाई 11 -- जयपुर के मशहूर नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर सही वक्त पर एक मुखबिर की कॉल न मिली होती, तो शायद यह कत्ल हमेशा के लिए एक आम सड़क हादसा मानकर बंद कर दिया जाता। लेकिन एक फोन कॉल ने पूरी कहानी पलट दी और इस सोची-समझी साजिश का भंडाफोड़ हो गया।प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी की भूख ने बनाया कातिल जांच में जो बात सामने आई है, वो रिश्तों को तार-तार करने वाली है। आरोप है कि नीरज शर्मा की खुद की बेटी आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर अपनी ही मां की हत्या का ताना-बाना बुना। पुलिस के मुताबिक, पिता की मौत के बाद मां के नाम पर जो संपत्ति थी उसे हथियाने और अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली सरकारी नौकरी को पाने ...