मिर्जापुर, मार्च 17 -- मिर्जापुर। अच्छी सड़क, सफाई और शुद्ध पानी का मुद्दत से इंतजार है तो कैसे कहें कि यहां है बहार? कॉलोनी के नाम की खुशफहमी भर है। टूटी सड़क, पेयजल संकट, बिजली के पोल की कमी और गंदगी ने लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना दिया है। कई बार शिकायतों के बाद भी बाशिंदों को सिस्टम से बेरुखी ही मिलती है। उनका कहना है कि शहर विस्तार के साथ नगरपालिका विकास के प्रति संवेदनशील बने ताकि लोगों को सहूलियत के साथ सुकून भी मिले। यह समय की मांग और जरूरत भी है। शहर विस्तार के साथ नई कॉलोनियां बसती जा रही हैं, लेकिन कई कॉलोनियां ऐसी भी हैं जहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। उनमें लोहंदी की बसंत बहार कॉलोनी भी है। यहां भी सड़क, पेयजल, बिजली के पोल और सफाई का अभाव है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत के दौरान संदीप ने कहा कि नाम भले ही बसं...