गंगापार, जून 11 -- सड़क पर लटकते जर्जर विद्युत तारों और अधलेटे बांस के कृत्रिम बिजली के पोल से कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। ऐसे जर्जर विद्युत तार खेतों व खलिहानों में अक्सर गिर जाते हैं, जिससे हर साल तमाम किसानों के मेहनत की फसल असमय जलकर खाक हो जाती है। जनहानि भी होती रहती है। मांडा क्षेत्र के हाटा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित हाटा सोनबरसा मार्ग पर अधलेटे बांस के पोल पर जर्जर विद्युत तारों से। बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस रास्ते से प्रतिदिन तमाम वाहनों से आम राहगीरों, किसानों व छात्र, छात्राओं का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में अक्सर जर्जर तार टूटने से दो चार दिन तक बिजली बाधित रहती है और बड़ी घटनाएं भी घटित होती हैं। यह भी पढ़ें- विद्युत पोल से निकलती है चिंगारी, ग्रामीण भयभीत हाटा उपकेंद्र से जुड़े तमाम गांवों की बिजली आपूर्ति...