आदित्यपुर, मई 11 -- चांडिल, संवाददाता। यह तस्वीर जिले के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवा की जमीनी हकीकत बयां कर रही है, जहां एम्बुलेंस न पहुंच पाने के कारण खाट ही एम्बुलेंस बन जाती है। दुर्गम क्षेत्र में बसे गांवों में ऊबड़-खाबड़ कच्ची सड़क के कारण एम्बुलेंस या अन्य वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। परिजन मरीज को खाट पर लिटा और कंधे पर उठा कई किमी पैदल चल मुख्य मार्ग तक लाते हैं। फिर उन्हें एम्बुलेंस या भाड़े के वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जाता है। रविवार को सरायकेला जिले के चांडिल प्रखंड के दुर्गम क्षेत्र हेसाकोचा पंचायत में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। टूरु गांव के गैंगरदा टोला की बीमार बाजार देवी (55 वर्ष) को खाट पर लिटा परिजन दो किमी तक कंधे पर उठा मातकमतोड़ांग लाये। एम्बुलेंस नहीं मिलने पर वहां से निजी वाहन से जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ले गये।...