बागपत, सितम्बर 25 -- बागपत। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली की बड़ी लापरवाही सामने आई है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत पहले से लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा चुकी सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 91.57 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर दिया। इतना ही नहीं, कार्य स्वीकृत होने के बाद पहली किश्त के रूप में 23 लाख रुपये भी जारी कर दिए गए। बाद में सड़क पहले से बनी होने के कारण शासन ने कार्य को निरस्त कर दिया। अब जारी धनराशि राजकोष में वापस जमा कराई जाएगी। मामला ग्राम मुलसम से बिनौली ब्लाक बाईपास होते हुए हिज्जेन्द्र की ट्यूबवैल से चन्द्रायण तक काली सड़क निर्माण का है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत यह कार्य 91.57 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया था। कार्य के लिए पहली किश्त में 23 लाख रुपये...