मेरठ, जनवरी 4 -- मवाना। नगर में जल निगम की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। इसका नतीजा सामने आया डिवाइडर रोड स्थित पालिका के आरओ वाटर प्लांट के सामने खुदी और जर्जर सड़क पर शनिवार दोपहर एक ई-रिक्शा गहरे गड्ढे में फंस गया। ई रिक्शा चालक ने घंटों मशक्कत के बाद अपने कई साथियों की सहायता से ई रिक्शा निकला। तीन दिन पहले तहसील तिराहे पर गहरे गड्ढे में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई थी, जो जेसीबी की सहायता से दस घंटे बाद निकाली गई। नागरिकों ने बताया कि तहसील रोड पर एक हफ्ते पहले जल निगम द्वारा बनाई गई सड़क से साबित हो गया कि कार्यों में न तो गुणवत्ता है और न ही जिम्मेदारी। सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे रोजाना निकलने वाले वाहन चालकों ...