औरैया, अगस्त 21 -- पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में हुए दोहरे हत्याकांड में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 लोगों को उम्रकैद तक पहुंचाने वाला मुकदमा केवल प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों पर नहीं टिका। करीब पांच वर्ष चले विचारण में अदालत के सामने अभियोजन और बचाव ने गवाहों की लंबी कतार खड़ी की। अभियोजन ने 32 गवाह पेश किए तो आरोपितों ने अपने बचाव में 39 गवाह उतारे। घटना को भीड़ की हिंसा बताने, आरोपितों की मौके पर मौजूदगी से इनकार करने और हथियारों की बरामदगी पर सवाल उठाने तक की दलीलें दी गईं। अदालत ने मौखिक गवाही के साथ चिकित्सकीय, परिस्थितिजन्य और दस्तावेजी साक्ष्यों को कसौटी पर कसने के बाद फैसला सुनाया। फैसले का यही हिस्सा तीसरे दिन इस चर्चित हत्याकांड की सबसे अहम कहानी सामने लाता है। अभियोजन के विशेषज्ञ गवाहों में चिकित्सक और अनुसंधान से जुड़े अधिका...