चित्रकूट, दिसम्बर 14 -- चित्रकूट। संवाददाता भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में गायत्री परिवार की ओर से आयोजित होने वाले चार दिवसीय 151 कुंडीय महायज्ञ की तैयारियां रात-दिन चल रही है। कार्यक्रम स्थल में साफ-सफाई के साथ ही पंडाल तैयार किया जा रहा है। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता यज्ञ कुंड तैयार करने में जुटे है। महायज्ञ की शुरुआत 17 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डा रामनारायन त्रिपाठी ने बताया कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि, कर्मभूमि, विश्व की श्रेष्ठतम साधना भूमि धर्मनगरी चित्रकूट में अप्रैल 1994 में विराट अश्वमेध महायज्ञ हुआ था। जिसमें करीब 25 लाख लोगों ने सहभागिता निभाई थी। बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी की जन्म शताब्दी वर्ष है। जिसके उपलक्ष्य में गायत्री महायज्...