नई दिल्ली, फरवरी 2 -- आज के दौर में डेटिंग ऐप्स और बदलती लाइफस्टाइल के बीच एक 'सही' जीवनसाथी ढूंढना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा लगने लगा है। अक्सर हम एक ऐसे 'परफेक्ट' पार्टनर की तलाश में पूरी उम्र गुजार देते हैं जो हमारी खुशियों की जिम्मेदारी उठा सके, लेकिन सद्गुरु इस तलाश को एक बिल्कुल अलग और गहरी दिशा देते हैं। सद्गुरु के अनुसार रिश्ता दो अधूरे लोगों को जोड़कर खुद को पूरा करने का जरिया नहीं, बल्कि अपनी खुशियों को शेयर करने वाला एक उत्सव होना चाहिए। जब हम किसी व्यक्ति को अपनी शर्तों पर ढालने की जगह, जीवन की इस यात्रा में साथ चलने के लिए चुनते हैं, तो चुनाव का आधार 'जरूरत' नहीं बल्कि 'साझेदारी' बन जाता है। आइए जानते हैं एक अच्छा जीवनसाथी चुनने के लिए सद्गुरु किन 3 अहम बातों पर गौर करने की सलाह देते हैं। यह भी पढ़ें- 'गोल्डन मिल्क' बनाते...