लोहरदगा, मार्च 11 -- कुडू,प्रतिनिधि। सच्चे मन से की गई भगवान की भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाता है, भगवान अपने भक्तों की लाज बचाने के लिए विभिन्न रूप में आते हैं। भक्ति की शक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं है। भक्ति करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती है। जब जागो तभी सवेरा के तर्ज पर लोगों को सत्कर्म और भगवान की भक्ति में अपना समय जरूर देना चाहिए। लोहरदगा के कुड़ू बरवाटोली में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को व्यास पीठ से आचार्य प्रभु दास जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहीं। उन्होंने प्रहलाद जी की कथा सुनते हुए कहा कि भगवान ने प्रहलाद की भक्ति को स्वीकार कर खंभा फाड़ कर नरसिंह अवतार लिया और हिरण्यकश्यप को मुक्ति दी और प्रहलाद की रक्षा की। प्रहलाद को खाई में धकेला गया, होलिका के साथ जलाने का प्रयास किया लेकिन भक्ति के कारण उनके बाल बा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.